Class 9th Biology | Bharti Bhavan | Question Answer

 Cell- Basic structural and functional unit of life 

9. जीन (Gene) को आनुवंशिक इकाई (Unit of Heredity) इसलिए कहते हैं क्योंकि यह DNA का वह खंड है जो माता-पिता से बच्चों में लक्षणों (जैसे आँखों का रंग, रक्त समूह) को पहुँचाता है, जो विकास, कार्य और प्रजनन के लिए आवश्यक जानकारी को एन्कोड करता है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी आनुवंशिक गुणों का नियंत्रण करता है 

10. विसरण (Diffusion) और परासरण (Osmosis) दोनों ही उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर अणुओं की गति हैं, लेकिन मुख्य अंतर यह है कि विसरण ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में होता है और इसके लिए झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती, जबकि परासरण केवल द्रव माध्यम में होता है, केवल विलायक (जैसे पानी) के अणुओं की गति होती है, और इसके लिए एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली (semi-permeable membrane) की आवश्यकता होती है 

11. जीवों में पदार्थों के परिवहन (transportation) की आवश्यकता इसलिए होती है, ताकि भोजन, ऑक्सीजन और पानी जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों को शरीर के हर कोशिका तक पहुँचाया जा सके और चयापचय (metabolism) के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों (waste products) को कोशिकाओं से बाहर निकाला जा सके, जिससे शरीर के सभी हिस्सों में संतुलन बना रहे और वे ठीक से कार्य कर सकें 

12. गुणसूत्र (Chromosome) एक पूरी संरचना है जिसमें आनुवंशिक सामग्री (DNA और प्रोटीन) होती है, जबकि क्रोमैटिड (Chromatid) एक प्रतिकृति (replicated) गुणसूत्र का आधा हिस्सा होता है; कोशिका विभाजन के दौरान, एक गुणसूत्र प्रतिकृति के बाद दो समान सिस्टर क्रोमैटिड (sister chromatids) बनाता है जो एक सेंट्रोमियर (centromere) से जुड़े होते हैं, और जब ये अलग होते हैं, तो प्रत्येक क्रोमैटिड एक नया, स्वतंत्र गुणसूत्र बन जाता है। 

13.  यूकैरियोटिक कोशिकाओं (Eukaryotic cells) के मुख्य लक्षण हैं: एक सुविकसित, झिल्ली-बद्ध केंद्रक (Nucleus) जिसमें रैखिक गुणसूत्र (linear chromosomes) होते हैं; कोशिका के भीतर विभिन्न कार्यों के लिए झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (membrane-bound organelles) जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, ER, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम; और एक जटिल कोशिका कंकाल (cytoskeleton) जो संरचना और गति प्रदान करता हैये कोशिकाएं प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (जैसे बैक्टीरिया) से बड़ी और अधिक जटिल होती हैं. 

14.  वायरस में सजीवों के लक्षण इसलिए नहीं दिखते क्योंकि उनमें स्वयं की कोशिकीय मशीनरी (जैसे राइबोसोम, कोशिका द्रव्य, कोशिका झिल्ली) नहीं होती है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से चयापचय (metabolism) और प्रजनन नहीं कर सकते; वे केवल एक जीवित कोशिका के अंदर ही सक्रिय होते हैं और उसी के संसाधनों का उपयोग करके अपनी संख्या बढ़ाते हैं, इसलिए कोशिका के बाहर वे निर्जीव कणों (जैसे क्रिस्टल) की तरह होते हैं। 

15.  चिकनी (Smooth) और खुरदरी (Rough) अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum - ER) के बीच मुख्य अंतर उनकी सतह पर राइबोसोम की उपस्थिति है; खुरदरी ER पर राइबोसोम होते हैं जो प्रोटीन संश्लेषण करते हैं और इसे खुरदुरा बनाते हैं, जबकि चिकनी ER पर राइबोसोम नहीं होते और यह लिपिड बनाने तथा विषहरण (detoxification) में मदद करती है 
मुख्य अंतर
विशेषता खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (Rough ER)चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (Smooth ER)
राइबोसोमसतह पर राइबोसोम होते हैं।सतह पर राइबोसोम नहीं होते हैं।
दिखावटराइबोसोम के कारण खुरदरी दिखती है।राइबोसोम की अनुपस्थिति के कारण चिकनी दिखती है।
मुख्य कार्यप्रोटीन संश्लेषण, प्रोटीन को मोड़ने (folding) और परिवहन में मदद करना।लिपिड (वसा) और स्टेरॉयड का संश्लेषण, कैल्शियम आयनों का भंडारण, और शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाना (विषहरण)।
कोशिका में उपस्थितिप्रोटीन बनाने वाली कोशिकाओं (जैसे ग्रंथियों की कोशिकाओं) में अधिक होती है।मांसपेशी कोशिकाओं और न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाओं) में अधिक पाई जाती है।
1.  एक यूकैरियोटिक पादप कोशिका का इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी चित्र एक जटिल संरचना दिखाता है जिसमें कोशिका भित्ति, प्लाज्मा झिल्ली, कोशिकाद्रव्य (cytoplasm), एक बड़ा केंद्रक (nucleus)माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria)क्लोरोप्लास्ट (chloroplast)एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER)गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus)राइबोसोम (ribosomes), और एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका (central vacuole) जैसे कई झिल्ली-बद्ध कोशिकांग होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण और अन्य महत्वपूर्ण कार्य करते हैं 

2.  संरचनाएँ (Structures):
Jantu koshika k nimnlikhit bhag:-
प्लाज्मा झिल्ली (Plasma Membrane): कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग करती है और पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
  1. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm): झिल्ली के अंदर का तरल पदार्थ, जिसमें सभी कोशिकांग तैरते हैं।
  2. केंद्रक (Nucleus): कोशिका का नियंत्रण केंद्र, जिसमें DNA (क्रोमोसोम) होता है; इसमें केन्द्रिका (Nucleolus) भी होती है जो राइबोसोम बनाती है।
  3. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): कोशिका का ऊर्जा घर (ATP उत्पादन)।
  4. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum - ER): प्रोटीन और लिपिड के संश्लेषण और परिवहन में मदद करती है (ER पर राइबोसोम होने पर खुरदरी, न होने पर चिकनी ER)।
  5. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus/Complex): प्रोटीन और अन्य पदार्थों को संशोधित, पैक और स्रावित करता है।
  6. राइबोसोम (Ribosomes): प्रोटीन संश्लेषण का स्थल।
  7. लाइसोसोम (Lysosomes): अपशिष्ट पदार्थों का पाचन।
  8. सेंट्रोसोम/सेंट्रियोल (Centrosome/Centrioles): कोशिका विभाजन में मदद करते हैं (जंतु कोशिकाओं में प्रमुख)। 

3.   माइटोकॉन्ड्रिया, जिसे कोशिका का 'पावरहाउस' कहते हैं, दोहरी झिल्ली वाला कोशिकांग है जिसमें बाहरी चिकनी झिल्ली और आंतरिक झिल्ली कई वलन (क्रिस्टी) बनाती है; यह मैट्रिक्स में अपना DNA, RNA और राइबोसोम रखता है, और कोशिकीय श्वसन द्वारा ATP (ऊर्जा) उत्पन्न करता है, कैल्शियम को संग्रहित करता है, तथा कोशिका सिग्नलिंग और कोशिका मृत्यु (अपोप्टोसिस) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है 
संरचना (Structure)
  • यह चिकनी होती है और इसमें 'पोरिन' नामक प्रोटीन चैनल होते हैं जो अणुओं के परिवहन को नियंत्रित करते हैं। 
  • यह अंदर की ओर मुड़कर 'क्रिस्टी' (Folds) बनाती है, जिससे सतह क्षेत्र बढ़ता है; यहीं ATP संश्लेषण होता है। 
  • बाहरी और आंतरिक झिल्लियों के बीच का स्थान, जहां आयनों का आदान-प्रदान होता है। 
कार्य (Functions)
  • कोशिकीय श्वसन (Cellular Respiration) के माध्यम से ग्लूकोज को ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) में तोड़कर कोशिका को ऊर्जा प्रदान करता है, इसलिए इसे 'कोशिका का पावरहाउस' कहते हैं। 
  • कैल्शियम आयनों को अवशोषित और संग्रहित करके कोशिका सिग्नलिंग और अन्य प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है। 
  • कोशिका वृद्धि और पर्यावरण के अनुकूलन में मदद करता है। 
  • प्रोग्राम्ड सेल डेथ (नियोजित कोशिका मृत्यु) को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  • कुछ मात्रा में गर्मी उत्पन्न करता है। 

4. यूकेरियोटिक और प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच मुख्य अंतर यह है कि यूकेरियोटिक कोशिकाओं में एक वास्तविक, झिल्ली-बद्ध केंद्रक (nucleus) और अन्य झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (organelles) होते हैं, जबकि प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (जैसे बैक्टीरिया) में ये नहीं होते; प्रोकैरियोटिक कोशिकाएँ सरल, छोटी और एककोशिकीय होती हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाएँ जटिल, बड़ी और पौधों, जंतुओं, कवकों आदि में पाई जाती हैं 
मुख्य अंतर (Key Differences):
विशेषता (Feature) प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic Cell)यूकेरियोटिक कोशिका (Eukaryotic Cell)
केंद्रक (Nucleus)अनुपस्थित (No true nucleus)उपस्थित (Present, membrane-bound)
झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound Organelles)अनुपस्थित (जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, ER, Golgi)उपस्थित (जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, ER, Golgi, लाइसोसोम)
आनुवंशिक सामग्री (Genetic Material)साइटोप्लाज्म में, अक्सर गोलाकार DNA (न्यूक्लॉइड क्षेत्र में)केंद्रक के अंदर, रैखिक (linear) DNA
आकार (Size)छोटा और सरल (लगभग 1-10 µm)बड़ा और जटिल (लगभग 10-100 µm)
संगठन (Organization)आमतौर पर एककोशिकीय (Bacteria, Archaea)एककोशिकीय (Protists) या बहुकोशिकीय (Plants, Animals, Fungi)
राइबोसोम (Ribosomes)मौजूद (छोटे)मौजूद (बड़े)
6.   केंद्रक (Nucleus) कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है, जो कोशिका की सभी गतिविधियों (जैसे वृद्धि, चयापचय) को नियंत्रित करता है, आनुवंशिक जानकारी (DNA) का भंडारण और प्रतिकृति करता है, और कोशिका विभाजन तथा प्रोटीन संश्लेषण (RNA के माध्यम से) जैसी प्रक्रियाओं का प्रबंधन करता है, जिससे कोशिका को क्रियाशील और जीवित रखा जा सके। 
केंद्रक के मुख्य कार्य (Main Functions of the Nucleus):
  1. कोशिका नियंत्रण (Cell Control): यह कोशिका के सभी कार्यों और उपापचयी क्रियाओं (metabolic activities) को नियंत्रित करता है, जैसे कोशिका का मस्तिष्क कार्य करता है।
  2. आनुवंशिक जानकारी का भंडारण (Storage of Genetic Information): केंद्रक में कोशिका का DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) होता है, जो सभी आनुवंशिक निर्देशों को संग्रहीत करता है।
  3. कोशिका विभाजन का नियंत्रण (Control of Cell Division): यह कोशिका विभाजन की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है, यह सुनिश्चित करता है कि DNA की सही प्रतिलिपि नई कोशिकाओं में जाए।
  4. प्रोटीन संश्लेषण का नियंत्रण (Regulation of Protein Synthesis): यह DNA से RNA (राइबोन्यूक्लिक एसिड) बनाकर प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया (अनुलेखन/Transcription) को निर्देशित करता है, जो कोशिका के कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
7.   कोशिका झिल्ली एक अर्धपारगम्य गेटकीपर की तरह काम करती है, जो चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability) के सिद्धांत पर पदार्थों को कोशिका के अंदर और बाहर जाने देती है, जिससे कोशिका का आंतरिक वातावरण स्थिर (होमियोस्टेसिस) रहता है; यह विसरण (Diffusion), परासरण (Osmosis) जैसे निष्क्रिय परिवहन (Passive Transport) और ऊर्जा-खर्चीले सक्रिय परिवहन (Active Transport) (पंप और प्रोटीन के माध्यम से) के साथ-साथ एंडोसाइटोसिस/एक्सोसाइटोसिस जैसे तंत्रों का उपयोग करती है, ताकि आवश्यक पोषक तत्व अंदर आएं और अपशिष्ट बाहर निकलें। 
कोशिका झिल्ली की परिवहन भूमिका:
  1. चयनात्मक पारगम्यता (Selective Permeability): 
    यह झिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है, जो तय करती है कि कौन से अणु अंदर आ सकते हैं और कौन से बाहर जा सकते हैं। 
  2. निष्क्रिय परिवहन (Passive Transport): 
    इसमें ऊर्जा (ATP) की आवश्यकता नहीं होती और पदार्थ उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर जाते हैं: 
    • विसरण (Diffusion): ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड जैसे छोटे अणु सीधे झिल्ली से गुजरते हैं। 
8.   
किसी जीवित कोशिका को अल्पपरासरी, समपरासरी और अतिपरासरी विलयनों में डालने पर क्रमशः कोशिका सूज जाती है (और फट सकती है)कोई परिवर्तन नहीं होता (सामान्य रहती है) और सिकुड़ जाती है (प्लाज्मोलिसिस), क्योंकि पानी का प्रवाह कोशिका के अंदर-बाहर सांद्रता के अंतर के कारण परासरण (Osmosis) द्वारा होता है. 

1. अल्पपरासरी विलयन (Hypotonic Solution) में:
  • क्या होता है: अल्पपरासरी विलयन में कोशिका के बाहर पानी की सांद्रता (solute की सांद्रता कम) कोशिका के अंदर से ज़्यादा होती है.
  • कोशिका पर प्रभाव: पानी परासरण द्वारा कोशिका के अंदर जाता है (Endosmosis), जिससे कोशिका फूल जाती है (swells). यदि यह दबाव बहुत अधिक हो जाए तो कोशिका फट सकती है (lyse), खासकर जंतु कोशिकाएँ. 
2. समपरासरी विलयन (Isotonic Solution) में:
  • क्या होता है: इस विलयन में कोशिका के बाहर और अंदर विलेय (solute) की सांद्रता बराबर होती है.
  • कोशिका पर प्रभाव: पानी कोशिका के अंदर और बाहर समान दर से आता-जाता है, जिससे पानी का कोई शुद्ध प्रवाह नहीं होता. कोशिका का आकार और आयतन स्थिर रहता है. 
3. अतिपरासरी विलयन (Hypertonic Solution) में:
  • क्या होता है: अतिपरासरी विलयन में कोशिका के बाहर विलेय की सांद्रता (पानी की सांद्रता) कोशिका के अंदर से ज़्यादा होती है.
  • कोशिका पर प्रभाव: पानी परासरण द्वारा कोशिका से बाहर निकलता है (Exosmosis). इससे कोशिका सिकुड़ जाती है (shrinks). पादप कोशिकाओं में प्लाज्मा झिल्ली कोशिका भित्ति से अलग हो जाती है (Plasmolysis

  • TISSUE
1. एक पादप ऊतक का नाम क्या है?

Ans - एक पादप ऊतक का नाम है जाइलम (Xylem), जो पानी और खनिजों का परिवहन करता है, या फ्लोएम (Phloem), जो भोजन का परिवहन करता है, या फिर मृदूतक (Parenchyma)स्थूलकोण (Collenchyma) और दृढ़ोतक (Sclerenchyma) जैसे सरल ऊतक भी हैं, जो पौधों को सहारा और अन्य कार्य करते हैं।
2.  जड़ के शीर्ष पर कौन उत्तक पाया जाता है
Ans - 
जड़ के शीर्ष पर शीर्षस्थ विभाज्योतक ऊतक (Apical Meristem) पाया जाता है, जो सक्रिय रूप से विभाजित होकर जड़ों की लंबाई में वृद्धि के लिए जिम्मेदार होता है, और यह प्राथमिक जड़ ऊतकों का निर्माण करता है, साथ ही जड़ के सिरे को बचाने के लिए मूल गोप (Root Cap) भी होता है

3. सरल उत्तक के दो उदाहरण दें

सरल ऊतक के दो मुख्य उदाहरण मृदूतक (Parenchyma) और स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma) हैं, (साथ ही दृढ़ोतक (Sclerenchyma) भी) जो एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं और पौधों को सहारा देने, भोजन बनाने व भंडारण जैसे कार्य करते हैं. 
  • मृदूतक (Parenchyma): 
    यह जीवित, पतली-भित्ति वाली कोशिकाओं से बना होता है और प्रकाश संश्लेषण, भोजन भंडारण और घाव भरने में मदद करता है.
  • यह मोटी भित्ति वाली जीवित कोशिकाओं से बनता है, जो पौधों के युवा तनों और पत्तियों को लचीलापन और सहारा देता है.
जड़ के शीर्ष पर कौन उत्तक पाया ...


4.
किस ऊतक की कोशिकायें सदा विभाजित होती रहती है ?

Ans  जिस ऊतक (tissue) की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं, उसे विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) कहते हैं, जो पौधों की वृद्धि (लंबाई और मोटाई) के लिए जिम्मेदार होते हैं और जड़ों व तनों के सिरों पर पाए जाते हैं, जहाँ नई कोशिकाएँ बनती हैं। 
विभज्योतक ऊतक की विशेषताएँ:
  • निरंतर विभाजन: इन ऊतकों की कोशिकाएँ हमेशा विभाजित होती रहती हैं।
  • वृद्धि में सहायक: ये पौधों की लंबाई और मोटाई बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • स्थान: ये जड़ों और तनों के शीर्ष (tips) तथा पत्तियों के आधार पर पाए जाते हैं।
  • कोशिकाएँ: कोशिकाएँ जीवित, पतली दीवार वाली, सघन कोशिका द्रव्य और छोटे या अनुपस्थित रिक्तिकाओं (vacuoles) वाली होती हैं। 
उदाहरण:
5. विभज्योतकी ऊतक को किस आधार पर विभाजित किया जाता है? 
Answer: स्थान और कार्य 
6. किस सरल ऊतक में अंतरकोशिकीय स्थान होता है?
Answer: पैरेन्काइमा 
7. दो ऊतकों के नाम बताएँ जो पौधे को यांत्रिक सहायता देते हैं। 
Answer: कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा 
8. वैसे मृदूतक को क्या कहते हैं जिसमें क्लोरोफिल पाया जाता है? 
Answer: क्लोरेन्काइमा 

9. किस ऊतक की कोशिकाओं में भित्ति अनियमित ढंग से कोनों पर मोटी होती है? 
Answer: कोलेन्काइमा 

10. नारियल का रेशा किस ऊतक का बना होता है?
Answer: स्क्लेरेन्काइमा ऊतक (दृढ़ ऊतक) 
Answer: स्नायु (Ligament).

26. दो मुख्य प्रकार के कंकाल ऊतक का नाम लिखें। 
Answer: अस्थि (Bone) और उपास्थि (Cartilage).

27. उपास्थि के मैट्रिक्स में पाए जानेवाली कोशिकाएँ क्या कहलाती हैं? 
Answer: कॉन्ड्रोसाइट्स (Chondrocytes).

28. दो प्रकार के तरल संयोजी ऊतक का नाम लिखें। 
Answer: रक्त (Blood) और लसीका (Lymph).

29. रक्त के प्लाज्मा में पाए जानेवाली तीन प्रकार की रुधिर कणिकाएँ कौन-कौन सी है?
Answer: लाल रक्त कणिकाएँ (RBCs), श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBCs) और प्लेटलेट्स (Platelets).

30. शारीरिक अंगों में गति किस प्रकार के ऊतक के कारण होता है? 
Answer: पेशी ऊतक (Muscular tissue).

31. जंतुओं का मस्तिष्क किस प्रकार के ऊतक का बना होता है? 
Answer: तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue). 

32. तंत्रिका ऊतक की इकाई क्या कहलाता है?
Answer: न्यूरॉन (Neuron) या तंत्रिका कोशिका.

33. बहुकोशिकीय जीवों में कार्यों के दक्षतापूर्वक संचालन के लिए क्या व्यवस्था रहती है?
Answer: ऊतक स्तर का संगठन (Tissue level of organization) और अंगों का निर्माण.

34. समान उत्पत्ति तथा समान कार्यों को संपादित करनेवाली कोशिकाओं के समूह को क्या कहते हैं?
Answer: ऊतक (Tissue). 

35. तने की चौड़ाई में वृद्धि किन ऊतकों के निर्माण से होती है?
Answer: पार्श्व विभाज्योतक (Lateral meristem) या कैम्बियम.

36. पत्तियों के आधार पर या टहनी के पर्व के दोनों ओर पाए जानेवाले ऊतक को क्या कहते हैं?
Answer: अंतर्वेशी विभाज्योतक (Intercalary meristem).

37. स्थायी ऊतक का निर्माण किस ऊतक की वृद्धि के फलस्वरूप होता है?
Answer: विभाज्योतक ऊतक (Meristematic tissue). 

38. सरल स्थायी ऊतक किस प्रकार की कोशिकाओं का बना होता है?
Answer: एक ही प्रकार की कोशिकाओं का. 

39. जलीय पौधों में मुख्यतः किस प्रकार का ऊतक पाया जाता है?
Answer: वायु ऊतक (Aerenchyma), जो कि मृदूतक का एक प्रकार है.

40. किस ऊतक की कोशिकाएँ मृत, लंबी, सँकरी तथा दोनों सिरों पर नुकीली होती है?
Answer: दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma) फाइबर. 

41. शुष्क स्थानों पर पाए जानेवाले पौधों में एपिडर्मिस की कोशिकाओं के ऊपर किसकी एक परत रहती है?
Answer: क्यूटिन (Cutin) की परत, जिसे क्यूटिकल कहते हैं. 
42. क्या कॉर्क कोशिकाओं में जीवद्रव्य पाया जाता है?
Answer: नहीं, कॉर्क कोशिकाएँ मृत होती हैं और उनमें जीवद्रव्य नहीं पाया जाता है. 

43. दो या दो से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने ऊतक क्या कहलाते हैं?
Answer: जटिल स्थायी ऊतक (Complex permanent tissue).

44. जाइलम एवं फ्लोएम मिलकर किसका निर्माण करते हैं?
Answer: संवहन बंडल (Vascular bundle).

45. सहकोशिकाएँ चालनी नलिका के किस भाग में अवस्थित रहती है?
Answer: चालनी नलिका के पार्श्व भाग में.

46. किस जंतु ऊतक की कोशिकाएँ फर्श या दीवार पर लगी चपटी ईंटों की तरह दिखती है?
Answer: शल्की एपिथीलियम (Squamous epithelium).

47. किस ऊतक के मुक्तसिरे पर सूक्ष्म रसांकुर विद्यमान होते हैं?
Answer: स्तंभी एपिथीलियम (Columnar epithelium).

48. छोटी आंत के भीतरी स्तर का निर्माण किस ऊतक से होता है?
Answer: स्तंभी एपिथीलियम (Columnar epithelium).

49. घनाकार कोशिकाओं वाले ऊतक को क्या कहते हैं?
Answer: घनाकार एपिथीलियम (Cuboidal epithelium). 
50. अंडवाहिनी में अंडाणु को एक ही दिशा में जाने देने के लिए किस ऊतक की कोशिकाएँ मदद करती है? 
Answer: पक्ष्माभी या पक्ष्मल एपीथिलियम अंडवाहिनी में मौजूद पक्ष्माभ (cilia) की गति, अंडाणु को गर्भाशय की ओर धकेलने में मदद करती है, जिससे वह एक ही दिशा में आगे बढ़ता है। 

51. एंटीबॉडी का निर्माण किन कोशिकाओं द्वारा होता है?
Answer: प्लाज्मा कोशिकाएँ (B-लिम्फोसाइट्स)
एंटीबॉडी का निर्माण प्लाज्मा कोशिकाओं द्वारा होता है, जो विशेष प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाएँ (B-लिम्फोसाइट्स) हैं।

52. किस ऊतक में तारे जैसी कोशिकाएँ पाई जाती हैं?
Answer: संयोजी ऊतक (विशेषकर वसा ऊतक या कुछ तंत्रिका कोशिकाएँ)
तारे जैसी कोशिकाएँ मुख्य रूप से वसा ऊतक जैसे संयोजी ऊतकों में या तंत्रिका तंत्र में न्यूरॉन्स में पाई जाती हैं।

53. बाह्यकर्ण में किस प्रकार का ऊतक पाया जाता है?
Answer: उपास्थि ऊतक
बाह्यकर्ण (कान का बाहरी हिस्सा) लचीले उपास्थि ऊतक से बना होता है, जो इसे आकार और लचीलापन देता है।

54. हैवर्सियन नलिकाएँ कहाँ पाई जाती हैं?
Answer: अस्थि ऊतक
हैवर्सियन नलिकाएँ अस्थि ऊतक की एक प्रमुख विशेषता हैं, जो हड्डियों को पोषण और संरचना प्रदान करती हैं।

55. आयतन के हिसाब से प्लाज्मा रुधिर का कितना प्रतिशत भाग है?
Answer: लगभग 55%
प्लाज्मा रुधिर का तरल मैट्रिक्स है और आयतन के हिसाब से लगभग 55 प्रतिशत भाग होता है।

56. किस प्रकार की रुधिरकणिकाओं में केंद्रक नहीं पाया जाता है?
Answer: लाल रुधिरकणिकाएँ (RBCs)
स्तनधारियों की परिपक्व लाल रुधिरकणिकाओं में केंद्रक नहीं पाया जाता है, जिससे हीमोग्लोबिन के लिए अधिक जगह मिलती है।

57. लाल रुधिरकणिकाओं में पाए जानेवाले प्रोटीन रंजक को क्या कहते हैं?
Answer: हीमोग्लोबिन
हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन रंजक लाल रुधिरकणिकाओं में पाया जाता है, जो ऑक्सीजन परिवहन में मदद करता है।

58. एक न्यूरॉन के ऍक्सॉन के अंतिम छोर की शाखाएँ दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट्स से जुड़कर क्या बनाती हैं?
Answer: सिनेप्स (Synapse)
एक न्यूरॉन के ऍक्सॉन के अंतिम छोर की शाखाएँ दूसरे न्यूरॉन के डेंड्राइट्स से जुड़कर सिनेप्स बनाती हैं, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण का स्थल है।
Answer: भोजन का परिवहन
  • चालनी नलिका: पत्तियों से भोजन का पौधे के अन्य भागों में परिवहन।
  • सह कोशिकाएँ: चालनी नलिका के कार्यों में मदद करना।
  • फ्लोएम पैरेन्काइमा: भोजन का भंडारण।
  • फ्लोएम फाइबर: यांत्रिक सहायता।

12. फ्लोएम के प्रत्येक तत्त्व का एक-एक कार्य लिखें।
Answer: फ्लोएम के तत्वों के कार्य:
  • चालनी नलिका (Sieve tubes): पत्तियों से भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाती है।
  • सह कोशिकाएँ (Companion cells): चालनी नलिकाओं के कार्यों को नियंत्रित और सहायता करती हैं।
  • फ्लोएम मृदूतक (Phloem parenchyma): भोजन और अन्य पदार्थों का भंडारण करता है।
  • फ्लोएम तंतु (Phloem fibers): यांत्रिक सहारा प्रदान करते हैं।

13. एपिथीलियमी ऊतक के किन्हीं तीन कार्यों का उल्लेख करें।
Answer: एपिथीलियमी ऊतक (epithelial tissue) के कार्य: 
  • शरीर के अंगों को ढकना और बाहरी आवरण बनाना (जैसे त्वचा)।
  • शरीर के अंदर गुहाओं और नलिकाओं को स्तरित करना।
  • पदार्थों के अवशोषण, स्राव और उत्सर्जन में मदद करना।
13. एपिथीलियमी ऊतक के किन्हीं तीन कार्यों का उल्लेख करें।
Answer: सुरक्षा, अवशोषण और स्राव
  • सुरक्षा: यह शरीर या अंगों को बाहरी आघात से बचाता है।
  • अवशोषण: यह पोषक तत्वों और पानी के अवशोषण में मदद करता है।
  • स्राव: यह विभिन्न पदार्थों जैसे हार्मोन और एंजाइमों के स्राव में मदद करता है।

14. संयोजी ऊतक क्या है? इसके कोई दो उदाहरण दें।
Answer: एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने वाला ऊतक
संयोजी ऊतक वह ऊतक है जो शरीर के अन्य ऊतकों और अंगों को एक-दूसरे से जोड़ता है और उन्हें सहारा देता है। उदाहरण: रक्त और हड्डी 

15. एरियोलर ऊतक के कार्यों का उल्लेख करें।
Answer: अंगों को भरना और सहारा देना
एरियोलर ऊतक अंगों के भीतर की खाली जगह को भरता है, आंतरिक अंगों को सहारा देता है और ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है।

16. टेंडन और लिगामेंट में क्या अंतर है?
Answer: टेंडन मांसपेशियों को हड्डी से और लिगामेंट हड्डी को हड्डी से जोड़ते हैं
टेंडन (कंडरा) मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ते हैं, जबकि लिगामेंट (स्नायु) एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ते हैं। 

17. वसामय या एडिपोज ऊतक के किन्हीं चार कार्यों का उल्लेख करें।
Answer: वसा भंडारण, इन्सुलेशन, कुशनिंग और ऊर्जा स्रोत
  • वसा भंडारण: यह शरीर में वसा का भंडारण करता है।
  • इन्सुलेशन: यह शरीर को गर्मी के नुकसान से बचाता है।
  • कुशनिंग: यह महत्वपूर्ण अंगों को झटकों से बचाता है।
  • ऊर्जा स्रोत: यह ऊर्जा के स्रोत के रूप में कार्य करता है।

18. रक्त को तरल संयोजी ऊतक क्यों कहा जाता है?
Answer: तरल मैट्रिक्स के कारण
रक्त में एक तरल मैट्रिक्स (प्लाज्मा) होता है जिसमें कोशिकाएँ तैरती रहती हैं, और यह शरीर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ता है और परिवहन करता है, इसलिए इसे तरल संयोजी ऊतक कहा जाता है。 

19. लसीका क्या है?
Answer: एक हल्का पीला तरल पदार्थ
लसीका एक हल्का पीला तरल पदार्थ है जो रक्त प्लाज्मा के समान होता है लेकिन इसमें प्रोटीन कम होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा है और पोषक तत्वों के परिवहन में मदद करता है।

20. ऐच्छिक और अनैच्छिक पेशियों क्या है?
Answer: इच्छा से नियंत्रित होने वाली और न होने वाली पेशियाँ
ऐच्छिक पेशियाँ वे हैं जिन्हें इच्छाशक्ति से नियंत्रित किया जा सकता है (जैसे हाथ-पैर की मांसपेशियाँ), जबकि अनैच्छिक पेशियाँ वे हैं जिन्हें इच्छाशक्ति से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है (जैसे हृदय और पाचन तंत्र की मांसपेशियाँ)।

21. रेखित पेशी को ऐच्छिक क्यों कहते है?
Answer: इच्छाशक्ति के नियंत्रण में होने के कारण
रेखित पेशियाँ (जिन्हें कंकाल पेशियाँ भी कहते हैं) आमतौर पर हड्डियों से जुड़ी होती हैं और इच्छाशक्ति के अनुसार गति करती हैं, इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ कहा जाता है।

22. तंत्रिका ऊतक के मुख्य कायों का उल्लेख करें।
Answer: संकेतों का संवहन
तंत्रिका ऊतक का मुख्य कार्य शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक संकेतों या आवेगों का तेजी से संवहन करना है। 

23. तंत्रिका क्या है?
Answer: तंत्रिका कोशिकाओं का एक बंडल
तंत्रिका तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) का एक बंडल है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों के बीच विद्युत आवेगों के रूप में जानकारी प्रसारित करता है।

24. ऐक्सॉन और डेड्डाइट्स के क्या कार्य है?
Answer: संकेतों का संचरण और प्राप्त करना
  • डेंड्राइट्स (द्रुमिका): ये तंत्रिका कोशिका के सिरे होते हैं जो जानकारी या संकेतों को प्राप्त करते हैं।
  • एक्सॉन (तंत्रिकाक्ष): यह तंत्रिका कोशिका का लंबा हिस्सा है जो संकेतों को कोशिका शरीर से दूर ले जाता है और अगली तंत्रिका कोशिका या लक्ष्य अंग तक पहुंचाता है।

1. पौधों में सरल ऊतक जटिल ऊतक से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरणसहित लिखें।
Answer: सरल ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जबकि जटिल ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो एक साथ मिलकर एक विशिष्ट कार्य करती हैं।
पौधों में सरल ऊतक और जटिल ऊतक के बीच मुख्य अंतर यहां दिए गए हैं:
  • संरचना: सरल ऊतक में सभी कोशिकाएँ संरचना और कार्य में समान होती हैं (जैसे पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा)। जटिल ऊतक में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं (जैसे जाइलम में वाहिकाएँ, ट्रैकिया, पैरेन्काइमा और फाइबर)।
  • कार्य: सरल ऊतक आमतौर पर एक विशिष्ट कार्य करते हैं, जैसे भंडारण या समर्थन। जटिल ऊतक कई कोशिकाओं के समन्वय से जटिल कार्य करते हैं, जैसे पानी और खनिजों का परिवहन (जाइलम) या भोजन का परिवहन (फ्लोएम)।
  • उदाहरण: सरल ऊतक के उदाहरण हैं पैरेन्काइमा (भोजन भंडारण), कॉलेन्काइमा (लचीलापन), और स्क्लेरेन्काइमा (कठोरता)। जटिल ऊतक के उदाहरण हैं जाइलम और फ्लोएम

2. स्थिति के आधार पर विभज्योतकी ऊतक के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें।
विभज्योतकी ऊतक के प्रकार
विभज्योतकी ऊतक, पौधे में उनकी स्थिति के आधार पर, तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किए जाते हैं:
  1. ### शीर्षस्थ विभज्योतक
    • ये जड़ और तने के बढ़ते सिरों पर स्थित होते हैं।
    • ये प्राथमिक वृद्धि के लिए जिम्मेदार होते हैं, जिससे पौधे की लंबाई बढ़ती है।
  2. ### पार्श्व विभज्योतक
    • ये तने और जड़ के पार्श्व (किनारों) में स्थित होते हैं।
    • ये द्वितीयक वृद्धि में मदद करते हैं, जिससे पौधे की मोटाई या घेरा बढ़ता है (जैसे कैंबियम)।
  3. ### अंतर्वेशी विभज्योतक
    • ये पत्तियों के आधार या पर्व संधियों (इंटरनोड्स) के बीच में स्थित होते हैं।
    • ये उन भागों की लंबाई बढ़ाने में मदद करते हैं, विशेष रूप से घास जैसे पौधों में।
Step 1: पेशी ऊतक क्या है (What is Muscular Tissue)
पेशी ऊतक लंबी कोशिकाओं से बना होता है जो शरीर में गति के लिए संकुचित और शिथिल होती हैं। 
Step 2: रेखित पेशी ऊतक (Striated Muscle Tissue)
  • रचना: ये कोशिकाएँ लंबी, बेलनाकार, बहु-केंद्रकित होती हैं और इनमें धारियाँ (striations) होती हैं।
  • कार्य: ये ऐच्छिक होती हैं और शरीर के अंगों को गति देती हैं। 
Step 3: अरेखित पेशी ऊतक (Unstriated Muscle Tissue)
  • रचना: ये कोशिकाएँ चिकनी, स्पिंडल के आकार की, और एक-केंद्रकित होती हैं। इनमें धारियाँ नहीं होती हैं।
  • कार्य: ये अनैच्छिक होती हैं और आंतरिक अंगों (जैसे आंतों) में पाई जाती हैं, जहाँ ये अनैच्छिक गति करती हैं। 

15. रक्त एवं लसीका के कार्यों का वर्णन करें।
Answer: रक्त एवं लसीका के कार्य (Functions of Blood and Lymph)
Step 1: रक्त के कार्य (Functions of Blood)
  • ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और हार्मोन का परिवहन।
  • अपशिष्ट उत्पादों को हटाना।
  • शरीर का तापमान नियंत्रित करना।
  • संक्रमण से लड़ना।
Step 2: लसीका के कार्य (Functions of Lymph)
  • ऊतकों से अतिरिक्त तरल पदार्थ को रक्तप्रवाह में वापस ले जाना।
  • संक्रमण और बीमारी से लड़ने में मदद करना (प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा)।

16. तंत्रिका ऊतक की इकाई क्या है? इसका स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाएँ। वर्णन की आवश्यकता नहीं है।
Answer: तंत्रिका ऊतक की इकाई (Unit of Nervous Tissue)
Step 1: इकाई (Unit)
तंत्रिका ऊतक की इकाई न्यूरॉन (Neuron) या तंत्रिका कोशिका (Nerve Cell) है।
Step 2: चित्र (Diagram)
(नोट: यहाँ चित्र बनाना संभव नहीं है, लेकिन एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाना आवश्यक है जिसमें कोशिका काय, डेंड्राइट्स, एक्सॉन और तंत्रिका अंत को दर्शाया गया हो।)

17. न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका की संरचना का चित्र सहित वर्णन करें।
Answer: न्यूरॉन या तंत्रिका कोशिका की संरचना (Structure of Neuron)
Step 1: चित्र (Diagram)
(नोट: यहाँ चित्र बनाना संभव नहीं है, लेकिन एक स्वच्छ एवं नामांकित चित्र बनाना आवश्यक है जिसमें कोशिका काय, डेंड्राइट्स, एक्सॉन और तंत्रिका अंत को दर्शाया गया हो।)
Step 2: वर्णन (Description)
न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं:
  • कोशिका काय (Cell Body/Soma): इसमें केंद्रक और कोशिकांग होते हैं।
  • डेंड्राइट्स (Dendrites): ये कोशिका काय से निकलने वाली छोटी शाखाएं हैं जो संदेश प्राप्त करती हैं।
  • एक्सॉन (Axon): यह एक लंबी प्रक्रिया है जो संदेशों को कोशिका काय से दूर ले जाती है और दूसरे न्यूरॉन या मांसपेशी तक पहुंचाती है।
1. पौधों में सरल ऊतक जटिल ऊतक से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण
Answer: कोशिका प्रकार
पौधों में सरल ऊतक केवल एक प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं (उदाहरण: पैरेन्काइमा), जबकि जटिल ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो एक साथ कार्य करते हैं (उदाहरण: जाइलम और फ्लोएम)।

2. स्थिति के आधार पर विभज्योतकी ऊतक के विभिन्न प्रकारों का
Answer: स्थिति के आधार पर विभज्योतकी ऊतक तीन प्रकार के होते हैं:
  • शीर्षस्थ विभज्योतक: तने और जड़ के शीर्ष पर पाया जाता है, लंबाई में वृद्धि करता है।
  • पार्श्व विभज्योतक: तने और जड़ की परिधि में पाया जाता है, मोटाई बढ़ाता है।
  • अंतर्विष्ट विभज्योतक: पत्तियों के आधार या पर्व संधियों के बीच पाया जाता है, इंटरनोड की लंबाई बढ़ाता है।

ऊतक किसे कहते हैं?
    • उत्तर: समान संरचना और कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक (Tissue) कहते हैं, जैसे मांसपेशी और रक्त।
  • पादप ऊतक और जंतु ऊतक में अंतर?
    • उत्तर: पादप ऊतक (जैसे विभज्योतक) अक्सर स्थिर होते हैं और वृद्धि करते हैं, जबकि जंतु ऊतक (जैसे पेशी, तंत्रिका) गतिशील होते हैं और शरीर के विभिन्न कार्यों के लिए विशिष्ट होते हैं।
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) क्या है?
    • उत्तर: यह पौधों में पाया जाने वाला ऐसा ऊतक है जिसकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं, जिससे पौधों में वृद्धि होती है (जैसे जड़ और तने के सिरे पर)। 



  • पादप ऊतक (Plant Tissues) के कुछ नाम हैं: विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue)स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) (जिसमें पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा आते हैं), और संवहनी ऊतक (Vascular Tissue) (जैसे जाइलम और फ्लोएम). ये ऊतक पौधों को वृद्धि, सहारा और पदार्थों के परिवहन में मदद करते हैं. 
    मुख्य पादप ऊतक:
    1. विभज्योतकी ऊतक (Meristematic Tissue): ये तेजी से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ होती हैं, जो पौधों की लंबाई और मोटाई बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती हैं (जैसे शीर्षस्थ और पार्श्वस्थ विभाज्योतकी).
    2. स्थायी ऊतक (Permanent Tissue):
      • पैरेन्काइमा (Parenchyma): भोजन भंडारण और प्रकाश संश्लेषण करते हैं.
      • कोलेन्काइमा (Collenchyma): पौधों को लचीलापन और सहारा देते हैं.
      • स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): पौधों को कठोरता और मजबूती देते हैं (जैसे रेशे).
    3. संवहनी ऊतक (Vascular Tissue):
      • जाइलम (Xylem): जल और खनिज का जड़ों से पत्तियों तक परिवहन करता है.
      • फ्लोएम (Phloem): पत्तियों में बने भोजन को पौधों के अन्य भागों तक पहुँचाता है.
    4. त्वचीय ऊतक (Dermal Tissue): जैसे बाह्यत्वचा (Epidermis), जो पौधों को बाहरी सुरक्षा प्रदान करती है. 
    4.  जड़ के शीर्ष पर कौन सा उत्तक पाया जाता है
    जड़ के शीर्ष (सिरे) पर विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) पाया जाता है, विशेष रूप से शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem), जो सक्रिय रूप से विभाजित होकर पौधे और जड़ की लंबाई में वृद्धि (प्राथमिक वृद्धि) के लिए जिम्मेदार होता है, और यह मूल आवरण (Root Cap) द्वारा सुरक्षित रहता है। 
सरल उत्तक के दो उदाहरण दें

सरल ऊतक के दो मुख्य उदाहरण हैं मृदूतक (Parenchyma) और स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma), जो पौधों में भोजन भंडारण, प्रकाश संश्लेषण और यांत्रिक सहायता जैसे कार्य करते हैं, जबकि दृढ़ोतक (Sclerenchyma) भी एक सरल ऊतक है जो कठोरता देता है


किस उत्तक की कोशिकाएं सदा विभाजित होती रहती है

पौधों में विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue) की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं और पौधों की वृद्धि के लिए जिम्मेदार होती हैं, ये ऊतक तनों और जड़ों की लंबाई बढ़ाने और परिधि बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे नए ऊतक बनते हैं। 

विभज्योतकी ऊतक को किस आधार पर विभाजित किया जाता है

विभज्योतकी ऊतक (Meristematic tissue) को मुख्य रूप से उनकी स्थिति (स्थान)उत्पत्ति (origin) और विकास (development) के आधार पर विभाजित किया जाता है, जिससे वे शीर्षस्थ (Apical), पार्श्वस्थ (Lateral), अंतर्वेशी (Intercalary) और प्राथमिक या द्वितीयक विभज्योतक (Primary/Secondary Meristem) के रूप में वर्गीकृत होते हैं, जो पौधे के विभिन्न हिस्सों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार होते हैं। 


किस सरल ऊतक में अंतरकोशिकीय स्थान होता है

मृदूतक (Parenchyma) नामक सरल ऊतक में अंतरकोशिकीय स्थान (intercellular spaces) पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं के बीच खाली जगहें होती हैं, जिससे गैसों के आदान-प्रदान और भंडारण जैसे कार्यों में मदद मिलती है, खासकर जलीय पौधों (एरेनकाइमा) में ये बड़े वायु गुहाओं (air cavities) के रूप में होते हैं। 


पौधों को यांत्रिक सहायता (mechanical support) प्रदान करने वाले दो मुख्य ऊतक स्क्लेरेनकाइमा (Sclerenchyma) और कोलेनकाइमा (Collenchyma) हैं, जो पौधे के तनों और अन्य भागों को कठोरता और लचीलापन देते हैं, जबकि जाइलम (Xylem) फाइबर भी यांत्रिक शक्ति प्रदान करते हैं, खासकर काष्ठीय पौधों में।


वैसे मृदूतक को क्या कहते हैं जिसमें क्लोरोफिल पाया जाता है
क्लोरोफिल युक्त मृदूतक (Parenchyma) को क्लोरेनकाइमा (Chlorenchyma) या हरित ऊतक (Green tissue) कहते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करते हैं और पौधे के लिए भोजन बनाते हैं, खासकर पत्तियों के मेसोफिल ऊतक में पाए जाते हैं. 
  • नाम: क्लोरेनकाइमा (Chlorenchyma) / हरित ऊतक (Green tissue).
  • कार्य: प्रकाश संश्लेषण (Food production).
  • उदाहरण: पत्तियों का मेसोफिल (Mesophyll) ऊतक
 

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